Skip to content

भारत में 10 सर्वश्रेष्ठ लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं

0
(0)

आज हम लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं जानेंगे. भारत की लड़कियों के लिए सरकारी योजनाएं | माध्यमिक शिक्षा के लिए लड़कियों के लिए प्रोत्साहन की राष्ट्रीय योजना

भारत में लड़कियों के प्रति सामाजिक सोच को बदलने और समाज में बालिकाओं के विकास के लिए भारत में कई बालिका योजनायें शुरू की गई हैं. लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की तरफ से शुरू कीगई हैं.

केन्द्र सरकार की लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएंराज्य सरकार की लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओहरियाणा की लाडली स्कीम
सुकन्या समृद्धि योजनामध्य प्रदेश की लाडली लक्ष्मी योजना
बालिका समृद्धि योजनाकर्नाटक भाग्यश्री योजना
CBSE उड़ान योजनामहाराष्ट्र सरकार की माज़ी कन्या भाग्यश्री योजना
माध्यमिक शिक्षा के लिए लड़कियों के प्रोत्साहन की राष्ट्रीय योजनापश्चिम बंगाल की कन्याश्री प्रकल्प योजना
धनलक्ष्मी योजना
लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं
लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं

इसे भी पढ़ें:- बेटी को मिलेंगे 15 लाख तक, जानिए कैसे

Jump to (Topic Shortcut)

केंद्र सरकार की लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं

लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं यानी बालिका बाल योजनाओं को केंद्र सरकार द्वारा चलाया जाता है. पूरे भारत की बेटियों को इन योजनाओं का फायदा मिलता है. आज हम भारत की केंद्र सरकार द्वारा प्रशासित कुछ प्रमुख लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं के बारे में जानेंगे.

1. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

बेटी बचाओ बेटी पढाओ पूरे देश भर में लागू केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है. लिंग-भेद और कन्या भ्रूण हत्या, गर्भपात जैसी सामाजिक बीमारियों को दूर करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है. साथ ही देश की सभी बालिकाओं को उच्च शिक्षा दिलाना भी इसका एक उद्देश्य है.

केंद्र सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना को शुरुआत में उन जिलो और राज्य में लागू किया गया था, जिनमें बेटियों का लिंगानुपात काफी कम था, यानी लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या कम होना. कुछ समय बाद इसका पूरे देश भर में विस्तार किया गया. ये योजना लोगों का सामाजिक दृष्टिकोण बदलने के लिए चलाई गयी थी, जिससे लोग बेटियों को एक बोझ की तरह ना देखें.

बालिकाओं के लिए बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के मुख्य :

  • लिंग–पक्षपाती गर्भपात को रोकना
  • बचपन में बालिकाओं के अस्तित्व, शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करना
  • बालिकाओं की उच्च शिक्षा को सुनिश्चित करना, लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं शुरू की गई

2. सुकन्या समृद्धि योजना

केंद्र सरकार की तरफ से प्रशासित सुकन्या समृद्धि योजना भी बालिकाओं के लिए प्रमुख योजना है. लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं काफी चल रही है, उनमें ये भी अहम है. ये एक बचत योजना है, जिसे बेटी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया था. इसमें बेटी के नाम से बैंक खाता खोला जाता है, जिसमें माता-पिता खाते के होल्डर होते हैं, जो इसे मैनेज कर सकते हैं.

सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बैंक खाता 10 वर्ष से कम उम्र की बेटियों का खोला जा सकता है, जिसमें 15 साल की उम्र होने तक आप पैसे बचा सकते हैं. इस योजना के बारे में ज्यादा जानने के लिए हमारा ये लेख पढ़े : Sukanya Samriddhi Yojana

सुकन्या समृद्धि योजना के खाते में जमा किये गए पैसो की कुछ प्रमुख विशेषताएं और लाभ :

  • पैसे जमा कराने के आसान विकल्प (1000 रुपये से लेकर 1.5 लाख रु. तक)
  • इस खाते में ब्याज अधिक मिलता है, 2022-23 की पहली तिमाही के अनुसार वर्तमान में 7.6% है
  • अगर आप इस खाते में पैसे डालते हैं, तो उनपे टैक्स नहीं लगता.
  • पूरी तरह से टैक्स फ्री, मैच्योरिटी राशि और मिलने वाले ब्याज सभी पर टैक्स छूट हैं
  • लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं हैं तो बालिकाओं की उच्च शिक्षा के लिए कुछ पैसा निकाल सकते हैं
  • किसी भी PSU बैंक, इंडिया पोस्ट ऑफिस (इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक) और कुछ प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में इस योजना के तहत खाता खोला जा सकता है.
  • खाता खोलने के बाद 15 वर्षों के लिए निवेश के रूप में लॉन्ग-टर्म में निवेश (ज्यादा जानने के लिए इस योजना के बारे में पूरा पढ़ें: सुकन्या समृद्धि योजना )

3. बालिका समृद्धि योजना

केंद्र सरकार की लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं काफी सराहनीय है, इनमें बालिका समृद्धि योजना भी काफी अच्छा काम कर रही है. बालिका समृद्धि योजना एक छात्रवृत्ति आधारित सरकारी योजना है. इसे गरीबी रेखा से नीचे आने वाली बालिकाओं और उनकी माताओं की आर्थिक मदद करने के लिए शुरू किया गया है. बालिका समृद्धि योजना का प्रमुख उद्देश्य गरीबी रेखा से आने वाली महिलाओं और बालिकाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को सुधारना है.

इस योजना के जरिये बेटियों का स्कूलों में दाखिला कराना, बाल विवाह को रोकना और महिलाओं का समाज में अच्छा स्तर बनाने जैसे कार्य किये गए.

बालिका समृद्धि योजना के लाभ और विशेषताएं

  • बालिका समृद्धि योजना के लाभ शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उपलब्ध है
  • नवजात शिशु के जन्म के बाद लड़की की मां को ₹500 दिए जाते हैं
  • पढाई के लिए, एक बालिका को ₹300 से ₹1000 तक की वार्षिक छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है

4. CBSE उड़ान स्कीम (CBSE Udaan Scheme in Hindi)

लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं में अगली है, CBSE उड़ान योजना, जो केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित की जाती है. CBSE उड़ान योजना का प्रमुख उद्देश्य पूरे भारत में प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और तकनीकी कॉलेजों में लड़कियों का प्रवेश बढ़ाना और उन्हें इस क्षेत्र में बढ़ावा देना.

इस योजना में समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों की बालिकाओं के विशेष ध्यान के साथ सीखने के अनुभव को बढ़ाने का प्रयास किया जाता है.

सीबीएसई उड़ान योजना (CBSE Udaan Scheme) की प्रमुख विशेषताएं :

  • कक्षा 11वीं, 12वीं की छात्राओं के लिए मुफ्त अध्ययन सामग्री जैसे: विडियो अध्ययन सामग्री
  • कक्षा 11वीं, 12वीं की छात्राओं के लिए वीकेंड ऑनलाइन क्लास 
  • मेधावी बालिकाओं के लिए ज्यादा सीखने और सलाह देने के अवसर 
  • बालिकाओं की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन सेवाएँ
  • बालिकाओं की प्रगति की निरंतर निगरानी और ट्रैकिंग

CBSE उड़ान योजना की योग्यता शर्तें

उड़ान योजना में नामांकन के लिए मुख्य योग्यता शर्तें :

  • भारत में रहने वाली भारतीय छात्राएँ
  • CBSE से जुड़े स्कूलों में कक्षा 11 वीं और 12 वीं में पढ़ने वाली छात्राओं को भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान या गणित विषय में दाखिला लेना चाहिए
  • छात्रा के परिवार की सालाना इनकम 6 लाख रुपये से कम होनी चाहिए 
  • विशिष्ट नियमों के तहत मेरिट–आधारित चयन

इस योजना के आवेदक अपने CBSE स्कूलों के माध्यम से कर सकते हैं। 

इसे भी पढ़ें:- पीएम किसान योजना के पैसे कैसे चेक करें

5. माध्यमिक शिक्षा के लिए लड़कियों के प्रोत्साहन की राष्ट्रीय योजना

भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा संचालित माध्यमिक शिक्षा के लिए लड़कियों के प्रोत्साहन की राष्ट्रीय योजना एक अखिल भारतीय योजना है. इसे भारत के पिछड़े वर्गों की बालिकाओं को लाभ देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है. लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं में इसका भी काफी योगदान है.

माध्यमिक शिक्षा के लिए लड़कियों के प्रोत्साहन की राष्ट्रीय योजना की योग्यता शर्तें

  • सभी SC / ST बालिकाएं जिन्होंने कक्षा 8 की परीक्षा पास की है, अन्य सामाजिक वर्गों की छात्राएं भी योग्य हैं यदि उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय से कक्षा 8 की परीक्षा पास की है.
  • इस योजना के लिए 16 वर्ष से कम उम्र की लड़कियां पात्र हैं.
  • जिन लड़कियों की शादी हो चुकी है या वे विभिन्न केंद्रीय सरकारी योजनाओं जैसे CBS,NVS और KVS से लाभ ले रहे हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं.

माध्यमिक शिक्षा के लिए लड़कियों के प्रोत्साहन की राष्ट्रीय योजना कैसे काम करती है?

लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं काफी अच्छे से काम कर रही है. इस योजना में योग्य छात्रा का चयन हो जाने के बाद उसकी ओर से सावधि जमा के रूप में ₹3000 जमा किया जाता है. जब छात्रा 10वीं कक्षा की परीक्षा पास करती है और 18 वर्ष की आयु पूरी करती है तो यह राशि ब्याज के साथ वापस उच्च शिक्षा के लिए काम में ली जा सकती है.

Telegram

6. धनलक्ष्मी योजना : लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं

कम आय वाले परिवारों की बालिकाओं की आर्थिक मदद करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने धनलक्ष्मी योजना को पायलट परियोजना के रूप में शुरू किया था. सरकार द्वारा समय-समय पर शुरू की गई लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं के चलते, अब धनलक्ष्मी योजना चलन में नहीं हैं. क्योंकि वर्तमान में कई आकर्षक योजनाएं आ गई हैं जो सभी लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं हैं.

धनलक्ष्मी योजना के तहत आर्थिक मदद

धनलक्ष्मी बालिका बाल कल्याण योजना ने बालिकाओं को जन्म से लेकर कक्षा 8 तक की माध्यमिक शिक्षा पूरी होने तक आर्थिक लाभ प्रदान किया. धनलक्ष्मी योजना के तहत दी जाने वाली आर्थिक मदद:

समय प्रत्येक बालिका को दी जाने वाली राशि
जन्म और जन्म रजिस्ट्रेशन₹ 5000
सप्ताह के बाद टीकाकरण₹ 200
14 सप्ताह के बाद टीकाकरण₹ 200
महीने के बाद टीकाकरण₹ 200
16 महीने के बाद टीकाकरण₹ 200
24 महीने के बाद टीकाकरण₹ 200
टीकाकरण पूरा होने के बाद₹ 250
प्राथमिक विद्यालय में एडमिशन होने पर₹ 1000
कम से कम 85% अटेंडेंस के साथ कक्षा 1 पास करने पर₹ 500
कम से कम 85% अटेंडेंस के साथ कक्षा पास करने पर₹ 500
कम से कम 85% अटेंडेंस के साथ कक्षा पास करने पर₹ 500
कम से कम 85% अटेंडेंस के साथ कक्षा पास करने पर₹ 500
कम से कम 85% अटेंडेंस के साथ कक्षा पास करने पर₹ 500
माध्यमिक विद्यालय में एडमिशन के बाद₹ 1500
कम से कम 85% अटेंडेंस के साथ कक्षा पास करने पर₹ 750
कम से कम 85% अटेंडेंस के साथ कक्षा पास करने पर₹ 750
कम से कम 85% अटेंडेंस के साथ कक्षा पास करने पर₹ 750

धनलक्ष्मी योजना को अप्रैल,2013 में बंद कर दिया गया था क्योंकि उस समय तक विभिन्न राज्य में अनेकों बाल कल्याण योजनाएं लागू हो चुकी थीं, जो इससे अधिक योगदान देने वाली लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं थी.

इसे भी पढ़ें:- पर्सनल लोन कैसे ले

राज्य सरकार की लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं

केंद्र सरकार की योजनाओं के अलावा, भारत के हर राज्य में बालिका कल्याण की अपनी-अपनी योजनाएं भी हैं। भारत में सबसे प्रसिद्ध राज्य–वार बालिका योजनाओं में से कुछ प्रमख योजनाएं निम्नलिखित हैं:

लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं यानी बालिका बाल योजनाओं को केंद्र सरकार के अलावा कुछ राज्य भी अपनी बेटियों के लिए शुरू करते हैं. भारत के राज्यों की कुछ प्रसिद्ध योजनाओं के बारे में आज हम पढेंगे, ये लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं राज्य की सरकार द्वारा प्रशासित हैं.

1. हरियाणा की लाडली योजना

लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं में हरियाणा राज्य की हरियाणा की लाडली योजना सरकार द्वारा समाज में बेटियों की स्थिति को सुधारने के लिए चलाई गई है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य, बालिकाओं के प्रति समाज की मानसिकता को बदलने पर जोर देना है, जिससे कन्या भ्रूण हत्या जैसी भयानक बिमारियों को दूर किया जा सके. हरियाणा की लाडली योजना हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई बहुत ही सराहनीय योजना है.

लाडली योजना हरियाणा कैसे काम करती है?

लाडली योजना हरियाणा में नकद प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे बेटी के परिवार की आर्थिक मदद हो सके. किसी भी परिवार में दूसरी बेटी के जन्म पर ₹5000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. इस राशि को किसान विकास पात्र में निवेश किया जाता है, बेटी के 18 वर्ष की हो जाने के बाद पूरी राशि ब्याज सहित परिवार को दी जाती है.

लाडली योजना आवेदन फॉर्म कैसे प्राप्त करें?

लाडली योजना हरियाणा का लाभ उठाने के लिए अपने नजदीकी आगनवाड़ी केंद्रों से सम्पर्क किया जा सकता है. लाडली योजना फॉर्म को पहली व दूसरी बालिका दोनों के जन्म प्रमाण पत्र के साथ स्थानीय क्षेत्र के आगनवाड़ी कार्यकर्ता या स्वास्थ्य कर्मचारी की सहायता से भरना होगा और जमा करना होगा. आप लाडली योजना आवेदन फॉर्म को आधिकारिक सरकारी वेबसाइट से भी डाउनलोड (लाडली योजना फॉर्म PDF Haryana) कर सकते हैं.

2. मध्य प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना

लाडली लक्ष्मी योजना मध्यप्रदेश, जो राज्य की बेटियों और महिलाओं की स्थिति में सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई है. मध्य प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना 2006 में शुरू हुई थी. इसका मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या और बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्याओं को ख़त्म करना था. इस योजना में लाभार्थी के पात्र पाए जाने पर 5 वर्ष के लिए हर साल ₹6000 के राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) लिए जायेंगे.

खरीदे गए राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र के निवेश में से ₹2000 का निवेश 6वीं कक्षा में लड़की के प्रवेश के बाद किया जाएगा और बाद में 9 वीं कक्षा में लड़की के प्रवेश पर 4000 का निवेश किया जाएगा.

लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए योग्यता शर्तें

  • परिवार मध्यप्रदेश का निवासी होना चाहिए
  • करदाता नहीं हो, यानी आय टैक्स के दायरे में ना आती हो
  • परिवार में सिर्फ 2 ही बच्चे हो, उसके बाद परिवार को परिवार नियोजन अपनाना होगा और बालिकाओं का जन्म 1 अप्रैल 2008 के बाद हुआ हो.

मध्यप्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन कैसे करें

लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन करने के लिए अपने गाँव की स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर फॉर्म प्राप्त करें. लाड़ली लक्ष्मी योजना फॉर्म को आवश्यक सभी दस्तावेजों के साथ लड़की के जन्म के 1 वर्ष के अंदर अपने एरिया के आंगनवाड़ी केंद्र में जमा कराना होता है. लाड़ली लक्ष्मी योजना फॉर्म डाउनलोड करें

3. कर्नाटक भाग्यश्री योजना

कर्नाटक सरकार द्वारा संचालित भाग्यश्री योजना, जो गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों में बेटी के जन्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई. इस योजना में बालिकाओं को नकद प्रोत्साहन देकर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. बेटियों को अधिकतम  ₹25000 तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाता है. बेटी को 10वीं कक्षा तक ₹300 से ₹1000 तक की सालाना छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है.

भाग्यश्री योजना के लिए योग्यता-शर्तें

  • BPL परिवार की बेटियों को ही इस योजना के लिए पात्र मन जाता है,
  • बेटी का जन्म 31 मार्च 2006 के बाद का हो
  • बेटी के जन्म के 1 साल के अंदर नामांकन कराना होगा
  • सिर्फ दो बच्चे ही इस योजना के लिए पात्र हैं. अगर किसी के तीन बेटियां है तो एक बेटी को इसका फायदा नहीं मिलेगा

इसे भी पढ़ें:- 5 मिनट में पर्सनल लोन अप्लाई करें

4. महाराष्ट्र की माझी कन्या भाग्यश्री योजना

माझी कन्या भाग्यश्री योजना महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की एक सराहनीय योजना है जो BPL परिवार और समाज के अन्य कमजोर वर्गों की बेटियों की स्थिति सुधार के लिए बनाई गई थी.

माझी कन्या भाग्यश्री योजना के लाभ

महिला को बेटी जन्म के 5 साल तक हर साल ₹5000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है. इसके बाद, बेटी के 5वीं कक्षा में दाखिला लेने तक बेटी को ₹2500 प्रति वर्ष आर्थिक सहायता के लिए दिए जाते हैं.

इसके बाद, यह आर्थिक सहायता राशि ₹3000 प्रति वर्ष कर दी जाती है, ये राशि बालिका के कक्षा 12 में होने तक दी जाती है. जब बेटी की आयु 18 वर्ष हो जाती है तो उसकी उच्च शिक्षा के लिए 1 लाख रु. दिए जाते हैं. लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं में ये एक प्रमुख योजना है.

माझी कन्या भाग्यश्री योजना आवेदन फॉर्म

माझी कन्या भाग्यश्री योजना से जुड़ा आवेदन फॉर्म आप अपनी स्थानीय आंगनवाड़ी से प्राप्त कर सकते हैं. इस फॉर्म के साथ आवश्यक सभी डाक्यूमेंट्स जोड़कर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की सहायता से फॉर्म पूर्ण करके जमा कराना है. आप इस योजना के बारे में महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट से और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और  यहाँ क्लिक कर आप माज़ी कन्या भाग्यश्री योजना आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं 

5. पश्चिम बंगाल कन्याश्री प्रकल्प

कन्याश्री प्रकल्प योजना पश्चिम बंगाल की बेटियों के लिए एक अच्छी पहल है. इस योजना के द्वारा सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की स्थिति सुधारने के लिए बनाया गया है. यह योजना महिला विकास और समाज कल्याण विभाग, पश्चिम बंगाल द्वारा कार्यान्वित की जाती है.

कन्याश्री प्रकल्प योजना में 13 वर्ष से 18 वर्ष तक की बेटियों को ₹750 की छात्रवृत्ति राशि प्रदान की जाती है. 18 से 19 वर्ष के बीच की लड़कियों के लिए ₹25000 का एकमुश्त अनुदान राशि दी जाती है.

कन्याश्री प्रकल्प के लिए योग्यता-शर्तें

कन्याश्री प्रकल्प योजना में कौन बालिका पात्र है:

  • बालिका पश्चिम बंगाल की निवासी हो
  • एक बैंक खाता हो
  • मान्यता प्राप्त संस्था से पढाई कर रही हो
  • अविवाहित हो
  • परिवार की सालाना इनकम 1.2 लाख रूपये से अधिक ना हो

कन्याश्री प्रकल्प के लिए आवेदन फॉर्म

कन्याश्री प्रकल्प योजना के अंतर्गत एक बेटी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकती है, यदि उसकी उम्र 13 वर्ष की है और कक्षा 8 या इससे अधिक में पढ़ती हो. कन्याश्री प्रकल्प योजना में एकमुश्त अनुदान के लिए आवेदन 18 से 19 वर्ष की उम्र में किया जा सकता है.

बेटी जिस स्कूल में पढ़ रही है, उस संस्था से कन्याश्री प्रकल्प योजना आवेदन फॉर्म प्राप्त करना है. इस फॉर्म को भरकर स्भिआव्श्य्क डॉक्यूमेंट के साथ जमा कराना है. इसके साथ एक शपथ पत्र लगता है, जिसमें अविवाहित होने और परिवार की वार्षिक आय 1.2 लाख रूपये कम है, की पुष्टि करता है.

इन्हें भी पढ़ें :-

FAQs : लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं

  1. लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं कौन कौन सी चल रही है?

    बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
    सुकन्या समृद्धि योजना
    बालिका समृद्धि योजना
    CBSE उड़ान योजना
    माध्यमिक शिक्षा के लिए लड़कियों के प्रोत्साहन की योजना
    धनलक्ष्मी योजना
    इनके बारे में जानने के लिए ये आर्टिकल पूरा पढ़ें.

  2. लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं कितनी महत्वपूर्ण हैं?

    शिक्षित लड़कियां जॉब करके आर्थिक रूप से स्वयं और अपने परिवार कोई मजबूत बनती है. लडकों के साथ जब लड़कियां भी कमाने लगेंगी तो परिवार में एक अतिरिक्त आय होगी और हर परिवार समृद्ध बनेगा। लड़कियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं काफी महत्वपूर्ण हैं.

  3. भारत की बेटियों के लिए कौनसी उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं अच्छी हैं?

    सुकन्या समृद्धि खाता भारत की बालिकाओं के लिए सबसे अच्छी योजना है, इस योजना में हर बेटी का बैंक खाता खोलकर अभिभावकों को पैसे बचाने चाहिए.
    इस योजना के बारे में सबकुछ जानने के लिए ये आर्टिकल पढ़ें.

How good was this post?

Make it better by giving 5 stars

Average rating 0 / 5. Total rating : 0

Be the first to rate

We are sorry that this post was not useful for you!

Let us improve this post!

Tell us how we can improve this post?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *